January 29, 2025 By CG Naukri 24
दिनांक: 29 जनवरी 2026
लेखक: अजय वर्मा
छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक और सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। हाल ही में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (HC) ने लगभग 6,000 पुलिस आरक्षक नियुक्तियों पर अस्थायी रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद चयनित और नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हजारों उम्मीदवारों के बीच अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

हाईकोर्ट के इस आदेश को भर्ती प्रक्रिया में आई कानूनी आपत्तियों और याचिकाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
हाईकोर्ट के आदेश से भर्ती प्रक्रिया पर असर
जानकारी के अनुसार, पुलिस आरक्षक भर्ती को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने नियुक्ति प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाई है। कोर्ट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और नियमों के अनुरूप हो।
इस आदेश के चलते जिन अभ्यर्थियों को जॉइनिंग लेटर मिल चुके थे या मिलने वाले थे, उनकी प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है।
उम्मीदवारों में बढ़ी चिंता
हाईकोर्ट के इस फैसले से हजारों उम्मीदवार मानसिक तनाव में हैं। कई अभ्यर्थियों ने शारीरिक दक्षता परीक्षा, लिखित परीक्षा और दस्तावेज़ सत्यापन जैसी सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली थीं और अब नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे।
अचानक नियुक्तियों पर रोक लगने से उम्मीदवारों के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।
भर्ती से जुड़ी आपत्तियां और याचिकाएं
सूत्रों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में चयन मानदंड, आरक्षण नियमों और मेरिट सूची को लेकर कुछ आपत्तियां सामने आई थीं। इन्हीं मुद्दों को लेकर हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की गईं, जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी किया।
अब कोर्ट के अंतिम निर्णय के बाद ही आगे की भर्ती प्रक्रिया पर स्पष्टता आएगी।
राज्य सरकार और पुलिस विभाग की प्रतिक्रिया
इस मामले पर राज्य सरकार और पुलिस विभाग की ओर से कहा गया है कि वे कोर्ट के आदेश का पूरी तरह सम्मान करेंगे। साथ ही कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष भी मजबूती से रखेंगे।
अधिकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया नियमों के अनुसार की गई है और कोर्ट के निर्णय के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या हो सकता है?
कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि हाईकोर्ट को सरकार की दलीलें संतोषजनक लगती हैं, तो नियुक्तियों पर लगी रोक हट सकती है। वहीं यदि कोर्ट को किसी स्तर पर अनियमितता दिखाई देती है, तो भर्ती प्रक्रिया में संशोधन या पुनः मूल्यांकन के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।
फिलहाल उम्मीदवारों को हाईकोर्ट के अंतिम फैसले का इंतजार करना होगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख विभिन्न समाचार रिपोर्ट्स और प्रारंभिक जानकारियों पर आधारित है। भर्ती प्रक्रिया, न्यायालय के आदेश और नियुक्तियों से संबंधित स्थिति में समय के साथ बदलाव संभव है। किसी भी अंतिम निर्णय या आधिकारिक सूचना के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग, राज्य सरकार अथवा न्यायालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों को ही मान्य माना जाए।






