November 14, 2025 By CG Naukri 24
Date: 14 November 2025
Author: Ajay Verma
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए व्यापक स्वास्थ्य-जांच अभियान के अंतर्गत अप्रैल से अक्टूबर 2025 तक प्रदेशभर में लगभग 75 लाख नागरिकों की जांच की गई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में बढ़ते जीवनशैली-संबंधी रोगों — विशेषकर डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर — की समय रहते पहचान करना था।

अभियान का उद्देश्य
प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बड़े पैमाने पर जांच अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती पहचान से गंभीर बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए सभी जिलों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और मोबाइल यूनिट्स की मदद से नियमित स्क्रीनिंग की गई।
अब तक का परिणाम
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 75 लाख जांचों में से बड़ी संख्या में ऐसे मरीज मिले जिन्हें पहले अपनी बीमारी की जानकारी नहीं थी। कई मरीजों में ब्लड शुगर और बीपी लेवल सामान्य सीमा से अधिक पाए गए। इन्हें तुरंत उपचार तथा लाइफस्टाइल सुधार संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया गया।
स्वास्थ्य विभाग की आगे की रणनीति
अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। अब फोकस उन मरीजों की नियमित फॉलो-अप जांच पर रहेगा जिनमें डायबिटीज या हाई बीपी के लक्षण मिले हैं। साथ ही, ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
जन-जागरूकता पर जोर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि डायबिटीज और हाई बीपी दोनों ही ‘साइलेंट किलर’ हैं। कई मरीजों को शुरुआती अवस्था में लक्षण महसूस नहीं होते, जिससे बीमारी गंभीर स्तर तक पहुंच जाती है। विभाग इसलिए नागरिकों को नियमित जांच कराने, संतुलित आहार अपनाने और रोग के लक्षणों को पहचानने के प्रति प्रेरित कर रहा है।
Disclaimer
इस लेख में दी गई जानकारी आधिकारिक स्वास्थ्य विभाग के बयानों और उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। आंकड़ों में समय के साथ परिवर्तन संभव है। पाठक अपने स्तर पर तथ्यों की पुष्टि कर सकते हैं।




