भारत में शिक्षा सुधार: CBSE और अन्य बोर्डों में नए नियम लागू.

By CG Naukri 24

Published On:

Follow Us
भारत में शिक्षा सुधार: CBSE और अन्य बोर्डों में नए नियम लागू.

November 7, 2025 By CG Naukri 24

प्रकाशित: 7 नवंबर 2025 | लेखक: अजय वर्मा

स्कूल असेंबली अपडेट

आज की स्कूल असेंबली के लिए जारी समाचारों के अनुसार, देशभर के स्कूलों में नई शैक्षणिक नीतियों और दिशा-निर्देशों को लागू करने की शुरुआत हो गई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के साथ-साथ कई राज्य शिक्षा बोर्डों ने भी नए सत्र के लिए नियमों में बदलाव की घोषणा की है। इन नियमों का उद्देश्य शिक्षण प्रक्रिया को आधुनिक बनाना और छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य तथा व्यवहारिक शिक्षा को प्राथमिकता देना है।

भारत में शिक्षा सुधार: CBSE और अन्य बोर्डों में नए नियम लागू.

भारत में शिक्षा सुधार: CBSE और अन्य बोर्डों में नए नियम लागू.

CBSE के नए दिशा-निर्देश

CBSE ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अपने पाठ्यक्रम में अब ‘लाइफ स्किल्स एजुकेशन’ और ‘डिजिटल सेफ्टी मॉड्यूल’ को शामिल करें। इसके तहत कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों को साइबर सुरक्षा, डिजिटल जिम्मेदारी और व्यक्तिगत सुरक्षा के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही, स्कूलों को मानसिक स्वास्थ्य परामर्श सत्र आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया है।

राज्य बोर्डों में बदलाव

महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों में भी शिक्षा बोर्डों ने परीक्षा प्रणाली और आंतरिक मूल्यांकन में सुधार की घोषणा की है। अब छात्रों के प्रदर्शन का 20 प्रतिशत हिस्सा प्रोजेक्ट कार्य और व्यवहारिक शिक्षा पर आधारित होगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छात्रों में रचनात्मकता और व्यावहारिक ज्ञान बढ़ेगा।

शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जोर

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप, शिक्षकों के लिए डिजिटल प्रशिक्षण और ‘ब्लेंडेड लर्निंग’ पर वर्कशॉप आयोजित की जा रही हैं। CBSE ने यह भी कहा है कि प्रत्येक स्कूल कम से कम दो डिजिटल क्लासरूम स्थापित करे ताकि ग्रामीण और शहरी छात्रों के बीच तकनीकी अंतर को कम किया जा सके।

छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया

अभिभावकों और छात्रों ने इन बदलावों का स्वागत किया है। कई लोगों का मानना है कि शिक्षा का यह नया स्वरूप बच्चों को सिर्फ परीक्षा-केंद्रित न रखकर जीवन-कौशल और आत्मविश्वास सिखाएगा। हालांकि कुछ शिक्षकों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों की कमी के कारण इन नियमों को लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

आगे की रूपरेखा

शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह सुधार प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। जनवरी 2026 तक सभी केंद्रीय और राज्य बोर्डों को अपने पाठ्यक्रम में नए मॉड्यूल जोड़ने होंगे। इसके साथ ही मंत्रालय ने राज्यों से अनुरोध किया है कि वे शिक्षकों की भर्ती, प्रशिक्षण और तकनीकी संसाधनों के लिए विशेष बजट निर्धारित करें।

डिसकलेमर

यह समाचार CBSE और राज्य शिक्षा बोर्डों द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों एवं विश्वसनीय शिक्षा स्रोतों पर आधारित है। भविष्य में नियमों में परिवर्तन या अद्यतन संभव है। पाठकों से अनुरोध है कि वे आधिकारिक बोर्ड वेबसाइटों या मंत्रालय की अधिसूचनाओं को प्राथमिक स्रोत मानें। लेखक/प्रकाशक किसी भी संभावित परिवर्तन के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।

You Might Also Like

Leave a Comment