December 6, 2025 By CG Naukri 24
6 दिसंबर 2025 | लेखक: अजय वर्मा
छत्तीसगढ़ सरकार ने घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से नया पैकेज घोषित किया है। निर्णय के मुताबिक अब जिन घरों की मासिक खपत 200 से 400 यूनिट के बीच होगी, उन्हें अपनी बिजली बिल राशि पर 50% की छूट मिलेगी। सरकार का कहना है कि इस कदम से लगभग 6 लाख घरेलू उपभोक्ता प्रत्यक्ष लाभान्वित होंगे और जनता पर बढ़ती जीवन लागत का कुछ बोझ कम होगा।

राहत पैकेज का दायरा और पात्रता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए है—व्यवसायिक एवं औद्योगिक खातों पर यह लागू नहीं होगी। पात्रता का निर्धारण मासिक मीटर रीडिंग और पिछले कुछ महीनों के औसत खपत के आधार पर किया जाएगा। 200 यूनिट से कम खपत करने वाले पहले से ही सब्सिडी का लाभ उठा रहे हैं, जबकि 200–400 यूनिट वाले परिवार अब अतिरिक्त 50% राहत के हकदार होंगे।
किस प्रकार मिलेगा लाभ और प्रक्रिया
बिल पर छूट स्वतः लागू कर दी जाएगी — उपभोक्ताओं को अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। विद्युत विभाग की मंथली बिलिंग प्रणाली में नए नियमों के अनुसार जब मीटर रीडिंग के बाद मासिक बिल तैयार होगा, तो योग्य उपभोक्ताओं के बिल पर छूट स्वतः दर्शायी जाएगी। इसके अलावा, पुराने बकायों या विलंब शुल्क पर यह छूट लागू नहीं होगी; वे सामान्य नियमों के अधीन रहेंगे।
राजकोषीय प्रभाव और वित्तपोषण
सरकार ने कहा है कि इस राहत पैकेज का वित्तपोषण राज्य निधियों तथा केंद्र से मिलने वाले कुछ अनुदानों के संयोजन से किया जाएगा। अनुमानित गणना के आधार पर इस कदम से राज्य के राजस्व पर अल्पकालिक प्रभाव पड़ेगा, परन्तु सरकार का तर्क है कि घरेलू उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को दीर्घकाल में लाभ होगा।
पर्यावरण और ऊर्जा बचत का संदेश
सरकार ने साथ ही नागरिकों से ऊर्जा‑संरक्षण का भी आग्रह किया है — ताकि सस्ता बिजली उपयोग संतुलित तरीके से हो और कुल ऊर्जा मांग पर अनावश्यक दबाव न पड़े। ऊर्जा‑सक्षम उपकरणों के उपयोग, एलईडी लाइटिंग और स्मार्ट मीटरिंग को बढ़ावा देने के संकेत दिए गए हैं।
नागरिकों के लिए सुझाव
उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने मीटर रीडिंग और बिल का ध्यान रखें और किसी भी विसंगति की स्थिति में अपने नज़दीकी उपभोक्ता सेवा कार्यालय से संपर्क करें। साथ ही पुराने बकायों का निपटान समय पर करें ताकि नई छूट का पूरा लाभ मिल सके।
निष्कर्षतः यह सरकार की एक कोशिश है ताकि मध्यम आय वर्ग के घरेलू उपयोगकर्ताओं को आर्थिक राहत मिले और महंगाई के समयसुख में उन्हें सहारा मिले। हालांकि व्यवहारिक प्रभाव का मूल्यांकन अगले कुछ महीनों में दिखेगा।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध सरकारी घोषणाओं और समाचार स्रोतों के आधार पर लिखा गया है। नीति से जुड़ी अंतिम और विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक विज्ञप्ति और विद्युत विभाग की सूचनाओं को देखें।








